फर्जी ढंग से चढ़वाया हाउस टैक्स पर नाम, नगर निगम ने किया खारिज

गोरखपुर। भाजपा पार्षद और हिंदू युवा वाहिनी के महानगर प्रभारी रामभुआल कुशवाहा ने फर्जी तरीके से कागजात तैयार कर नगर निगम की जमीन पर अवैध ढंग से कब्जा करने के बाद न सिर्फ मकान बनवा लिया था, बल्कि नगर निगम में इसके आधार पर उस मकान पर अपना नाम भी चढ़वा लिया। मामला पकड़ में आने के बाद नगर निगम ने दर्ज नाम खारिज कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारी है।
नगर निगम ने महेवा मुस्तकीन में खतौनी का फर्जी स्कैन कराकर आराजी संख्या 681 का कागजात तैयार कर नगर निगम में मकान का नंबर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया। टैक्स विभाग ने दिए गए कागजात के आधार पर महेवा स्थित मकान पर 282 एल दर्ज कर लिया। यह मकान नगर निगम की जमीन पर अवैध ढंग से बनाया गया था। इसके बाद नगर आयुक्त ने मामले की जांच के लिए कागजात तहसीलदार को भेजा। तहसीलदार की जांच में नगर निगम में प्रस्तुत कागजात फर्जी निकले।
महेवा मुस्तकील में मात्र 400 खतौनी, लेकिन फर्जी कागजात में दर्ज कराया गया अराजी संख्या 681
महेवा मुस्तकील में खतौनी की अधिकतम संख्या 400 है, लेकिन रामभुआल ने जो कागजात तैयार कराए थे, उसमें खतौनी की संख्या 681 डाली गई थी। तहसीलदार ने यही रिपोर्ट नगर निगम को दी। इसी आधार पर नगर निगम ने रामभुआल कुशवाहा द्वारा मकान का दर्ज नंबर खारिज कर दिया गया।
रामभुआल कुशवाहा ने नगर निगम में जिस मकान का हाउस टैक्स निर्धारण करने के लिए आवेदन दिया था, उसके साथ पेश किए गए दस्तावेज फर्जी थे। इस आधार पर मकान पर दर्ज हाउस टैक्स खारिज कर दिया गया है। साथ ही विधिक कार्रवाई का भी विचार किया जा रहा है।
- डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त
- मामला कोर्ट में है। नगर निगम लगातार गलत ढंग से कार्रवाई कर रहा है। कोर्ट का जो भी निर्णय होगा, उस आधार पर आगे काम किया जाएगा।
- रामभुआल कुशवाहा, भाजपा पार्षद
:: हाल में नगर निगम ने रामभुआल से छुड़वाई करोड़ों की जमीन
गोरखपुर। महेवा वार्ड के भाजपा पार्षद रामभुआल कुशवाहा ने नगर निगम की करोड़ों रुपये की करीब 95 डिस्मिल जमीन पर कब्जा कर रखा था। साथ ही इस जमीन पर अवैध निर्माण भी करा रखा था। नगर निगम ने अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त करने के साथ ही कब्जे की सारी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। दरअसल कान्हा उपवन के पीछे स्थित आराजी संख्या 248 और आराजी संख्या 249 पर कुल 96 डिस्मिल जमीन पर महेवा के पार्षद रामभुआल कुशवाहा ने कब्जा कर रखा था। साथ ही इस जमीन तक पहुंचने के लिए अवैध ढंग से 14 फीट सड़क भी बनाई ली गई थी।
करीब साढ़े छह करोड़ की थी यह जमीन
बाजार मूल्य के हिसाब से देखा जाए तो इस जमीन की कीमत कम से कम 6.5 करोड़ रुपये के आसपास थी। इस इलाके में जमीन की कीमत 1500 से 1800 रुपये प्रति वर्ग फीट है।