बागपत में तीन साल की मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले अभियुक्त को पुलिस सुरक्षा घेरे में अदालत लाया गया। फैसला सुनाए जाते ही अभियुक्त के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। उधर, फैसला सुनने पहुंचा पीड़ित परिवार और ग्रामीणों के चेहरे पर संतुष्टि के भाव दिखे। जब अभियुक्त कठघरे में पहुंचा तो उसे देख पीड़िता अपनी मां की गोद में दुबकी रही।
पुलिस सुबह 11 बजे जिला कारागार से आरोपी को लेकर कोर्ट के हवालात में पहुंची। दोपहर करीब डेढ़ बजे आरोपी को पुलिस अदालत में लेकर पहुंची। न्यायाधीश के पहुंचते ही सुनवाई शुरू हो गई। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी पर दोष सिद्ध किया। कुछ ही देर बाद अदालत ने फैसला सुनाया तो अभियुक्त का चेहरा लटक गया। पुलिस उसे लेकर दोबारा हवालात की ओर चली गई।
उधर, न्याय के मंदिर में बैठे पीड़ित परिवार संतुष्ट दिखा। सुबह घर से आने तक और वापस घर जाने तक बिटिया कभी अपनी मां की गोद में दुबकी रही और कभी पिता के कंधे पर सोती रही।